अति प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पालगंज में मनाया गया रथयात्रा महोत्सव।पालगंज राजा ने 150 पूर्व मंदिर का किया था निर्माण
पीरटांड़ -गिरिडीह जिले का एकमात्र ऐतिहासिक तथा अति प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पालगंज से शुक्रवार को धूमधाम के साथ रथयात्रा महोत्सव मनाया गया।इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ स्वामी, बलभद्र स्वामी,तथा मैया सुभद्रा को रथ में बैठाकर रथयात्रा निकाली गई।जो पुरे गाँव का भ्रमण करते हुए तीनों भाई बहन अपने महादेव मंडा शिव मंदिर स्थित मौसीबाड़ी पहुंचे।बताया जाता है कि लगभग 150 वर्ष पूर्व से ही पालगंज के राजा रनबहादुर सिंह के द्वारा जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया गया था।तब से लेकर अबतक पालगंज में रथयात्रा महोत्सव का आयोजन अनवरत होता आ रहा है।।वहीं रथयात्रा के पूर्व गुरुवार देर शाम के संध्या आरती किया गया तो रात्रि में विशेष पूजा अर्चना के पश्चात् रात्रि मे विधि विधान के साथ बंस रोपण किया गया।वहीं शुक्रवार को मंदिर के गुंबद में ध्वजा रोहण किया गया तत्पश्चात भगवान की पूजा अर्चना के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया गया।महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी ,दहियोरी तथा पक्का कठहल कोआ दिया गया।तत्पश्चात भगवान को रथ में सवार कराकर पालगंज भ्रमण करते हुए भगवान महादेव मंडा स्थित शिव मंदिर यानी मौसी बाड़ी पहुंचे।जहाँ भगवान दो दिन तक शाही विश्राम करेंगे।कार्यक्रम को सफल बनाने में पुजारी बिमल उपाध्याय,श्वेतांक उपाध्यय, शिवचरण उपाध्याय, अनुज उपाध्याय,पंकज उपाध्याय,बासुकीनाथ उपाध्याय,मुरारी प्रसाद सिन्हा,बशिष्ठ उपाध्याय,रामकिंकर उपाध्याय,विशाल गौरव,बबलु बक्सी,आलोक उपाध्याय सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा।इस दरम्यान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पीरटांड़ थाना प्रभारी दीपेश कुमार भी सदल बल मौजूद थे।
बताते चलें कि रथ में सबसे पहले भगवान जगन्नाथ स्वामी विराजमान होते हैं उसके पश्चात् बहन सुभद्रा मैया तथा सबसे अंत में ताऊ बलभद्र स्वामी को विराजमान किया गया।दो दिनों के शाही विश्राम करने के बाद भगवान मौसी बाड़ी से वापस अपने घर वापस लौट आएंगे।मौके पर दुर्गा चौरसिया, गौरव राम,केशव भक्त,विपुल भक्त,अमित राम,भोला साव,नवीन सिंह,मयंक बर्णवाल,जानकी मल्लाह,पवन मल्लाह,बप्पी लाहकार सहित कई ग्रामीण एवं श्रद्धालु रथयात्रा को सफल बनाने में अपना योगदान दिए।


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