तीर्थराज सम्मेदशिखर में ऐतिहासिक दीक्षा समारोह, तीन साधक बने मुनिराज
मधुबन (गिरीडीह:) ---- श्री सम्मेदशिखर जी की पावन वंदनीय भूमि पर शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ, जब मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने भव्य धार्मिक वातावरण में तीन साधकों को निर्ग्रंथ जैनेश्वरी मुनि दीक्षा प्रदान की। दीक्षा प्राप्त करने वालों में ब्रह्मचारी सारांश भैया, क्षुल्लक समादर सागर तथा बाल ब्रह्मचारी रुपेश भैया शामिल हैं, जो क्रमशः मुनि श्री 108 सारसागर महाराज, मुनि श्री 108 समादरसागर महाराज एवं मुनि श्री 108 रुपसागर महाराज बने।दीक्षा उपरांत अपने संबोधन में मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि साधु जीवन का लक्ष्य संसार के आकर्षणों से ऊपर उठकर आत्मशुद्धि एवं मोक्ष मार्ग का साधन करना है। उन्होंने कहा कि साधु को न तो पूजा की इच्छा रखनी चाहिए और न ही सम्मान या आलोचना से प्रभावित होना चाहिए, बल्कि 28 मूलगुणों एवं पंचाचार का पालन ही उसका वास्तविक धर्म है।उन्होंने भगवान महावीर, आचार्य कुंदकुंद एवं आचार्य विद्यासागर महाराज की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि साधु का जीवन पूर्ण संयम और तप का प्रतीक होता है।कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2019 में नेमावर में आचार्य विद्यासागर महाराज से...